
दोस्तों, जब भी हम अपना घर बनवाते हैं या मरम्मत (renovation) करवाते हैं, तो ज़्यादातर ध्यान सीमेंट, सरिया, टाइल और पेंट जैसे बड़े कामों पर ही रहता है।
लेकिन सच्चाई यह है कि घर का अंतिम लुक और अच्छी फिनिश छोटी-छोटी बातों पर ही निर्भर करती है।
आज मैं आपको प्लास्टर (Plaster) के काम से जुड़ी एक बहुत काम की जानकारी बताने वाला हूँ।
अगर यह काम सही समय पर करवा लिया जाए, तो आपके घर की फ्लोरिंग और स्कर्टिंग दोनों बराबर और साफ दिखाई देंगी।
🏗️ प्लास्टर (Plaster) के काम में आम गलती क्या होती है?
अक्सर प्लास्टर करवाते समय:
- पूरी दीवार को ऊपर से नीचे तक एक ही लेवल में प्लास्टर कर दिया जाता है
- उस समय सब कुछ ठीक लगता है
- मिस्त्री भी कह देता है – “काम एकदम बढ़िया है”
लेकिन परेशानी तब शुरू होती है जब:
- बाद में फ्लोरिंग का काम होता है
- और दीवार के नीचे स्कर्टिंग लगाई जाती है
तब देखने में आता है कि:
- कहीं स्कर्टिंग दीवार से बाहर निकली हुई लगती है
- कहीं अंदर की तरफ धँसी हुई दिखाई देती है
- कहीं जोड़ (जॉइंट) साफ नहीं दिखते
इससे घर का पूरा लुक थोड़ा कमजोर लगने लगता है।

✅ सही तरीका – नीचे से 6–8 इंच तक प्लास्टर (Plaster) कट करवाएँ
इस समस्या का हल बहुत आसान है, लेकिन कम लोग जानते हैं।
👉 प्लास्टर (Plaster) पूरा होने के बाद दीवार के नीचे से लगभग 6–8 इंच तक प्लास्टर कट करवा दें।
इसका मतलब:
- दीवार का प्लास्टर हो जाने के बाद
- फर्श (floor) के लेवल से ऊपर 6–8 इंच तक
- सीधी और साफ कटिंग करवाई जाए
यह काम प्लास्टर के पूरी तरह सूखने से पहले करवा लेना सबसे अच्छा रहता है।
🎥 यहाँ आप वीडियो के जरिये समझ सकते हैं
🧱 इस प्लास्टर (Plaster) कटिंग के फायदे
1️⃣ स्कर्टिंग सही लेवल में लगती है
जब नीचे से प्लास्टर कटा होता है:
- स्कर्टिंग दीवार के साथ बराबर बैठती है
- न बाहर निकली हुई दिखती है
- न अंदर धँसी हुई

2️⃣ घर की फिनिश बेहतर दिखती है
छोटी-छोटी बातें मिलकर:
- घर को साफ-सुथरा
- सुंदर
- और बढ़िया फिनिश वाला बनाती हैं
3️⃣ आगे चलकर मरम्मत आसान होती है
अगर भविष्य में:
- फ्लोरिंग बदलनी पड़े
- या स्कर्टिंग निकालनी पड़े
तो दीवार का प्लास्टर खराब नहीं होता।
4️⃣ पेंट और सीलन से बचाव
फर्श के पास अक्सर पानी लगता है।
कटिंग होने से:
- पेंट जल्दी खराब नहीं होता
- और सीलन की समस्या भी कम हो जाती है
❌ अगर यह तरीका न अपनाया जाए तो क्या नुकसान?
अगर नीचे से प्लास्टर नहीं काटा गया, तो:
- स्कर्टिंग टेढ़ी-मेढ़ी लग सकती है
- दीवार का प्लास्टर टूट सकता है
- फर्श और दीवार के बीच गैप दिख सकता है
- बाद में सुधार कराने में ज़्यादा खर्च आता है
यानी एक छोटी सी गलती आगे चलकर बड़ा खर्च बन सकती है।
🛠️ यह काम कब और कैसे करवाना चाहिए?
✔️ प्लास्टर (Plaster) पूरा होते ही
✔️ फ्लोरिंग शुरू होने से पहले
✔️ मिस्त्री को साफ निर्देश देकर
✔️ कटिंग सीधी और बराबर हो
👉 ध्यान रखें:
6–8 इंच की कटिंग ज़्यादातर स्कर्टिंग के लिए सही मानी जाती है।
🏠 किन घरों के लिए यह तरीका सबसे ज़्यादा ज़रूरी है?
यह तरीका खास तौर पर:
- नए मकान के निर्माण में
- पुराने घर की मरम्मत में
- टाइल, मार्बल या ग्रेनाइट फ्लोरिंग वाले घरों में
हर जगह काम आता है।
📌 निष्कर्ष
दोस्तों, घर बनाते समय सिर्फ बड़े काम ही नहीं, बल्कि छोटी तकनीकी बातों पर ध्यान देना भी उतना ही ज़रूरी होता है।
दीवार के नीचे से 6–8 इंच तक प्लास्टर (Plaster) कट करवाना एक सरल तरीका है, जिससे:
- फ्लोरिंग सही बैठती है
- स्कर्टिंग साफ और बराबर लगती है
- और घर का लुक बेहतर बनता है
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